कर्नल सैंडर्स के सफलता की कहानी The Story Of Success Colonel Sanders

Colonel Sanders के सफलता की कहानी बहुत कम लोग जानते होगे, सैंडर्स का जन्म 9 सितम्बर,1890 को हेनरीविल्ले, इंडियाना में हुआ था, जब ये 5 साल के थे तभी इनके पिता की मृत्यु हो गयी, उनकी माँ परिवार चलने के लिए काम किया करती थी,  कुछ दिन बाद इनकी माँ ने दूसरी शादी कर ली, अब इनके छोटे भाईयो और बहन की जिम्मेदारी Colonel Sanders के कंधे पर थी, सौतेले पिता से इन्हें बहुत ही दुःख मलता था | 7 वी कक्षा तक पढ़ने के बाद 15 वर्ष की उम्र में वे बस कंडक्टर बने और फिर कुछ महीने बाद यूनाइटेड स्टेट आर्मी में भर्ती हो गए , बाद में आर्मी से भी निकाल दिए गए |

The Story of Success Colonel Sanders

अब Colonel Sanders को अपना जीवन यापन करने के लिए कोई काम चाहिए था, इस बिच इन्होने कई काम किये जिसमे वे असफल रहे |

Colonel Sanders की असफलतायें

Colonel Sanders को इलिनोइस सेंट्रल रेल में फायरमैन की नौकरी मिली, उसके बाद उन्होंने  विवाह कर लिया | कुछ वर्षों तक वे अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ एक हशी- खुशी जीवन बिता रहे थे, लेकिन एक दिन डिपार्टमेंट में झगड़ा हो गया और उन्हें अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी. बाद में उनकी पत्नी से भी उनका तलाक हो गया |

रेलवे में नौकरी करने के साथ वे लॉ का पत्राचार पाठ्यक्रम भी किये, नौकरी जाने के बाद. उन्होंने लॉ प्रैक्टिस शुरू कर दी. लेकिन उसमे भी असफल रहे |

अब वे एक स्थान से दूसरे स्थान पर भटकते रहे, कई  job बदले और कई व्यवसायों में अपना किस्मत आजमाया लेकिन हर बार असफलता हाथ लगा |

अब Colonel Sanders जीवन बीमा बेचना सुरु किये उसमे भी सफल नहीं हुए, विक्रेता का काम किया, टायर और एसिटिलीन लैंप बेचे, ओहियो नदी में नाव खेने का काम कीया. लेकिन किसी भी कार्य में उन्हें सफलता प्राप्त नहीं  हुई | इतनी असफलताओ के बाद कोई होता टूट जाता लेकिन कर्नल सैंडर्स  ने  हार नहीं मानी |

Colonel Sanders के खाने की दुकान की शुरूआत

40 वर्ष की उम्र में वे कार्बिन केन्टकी आए और एक सर्विस स्टेशन खोला, सर्विस स्टेशन से प्राप्त होने वाली आमदनी बढ़ाने लगी, वहाँ आने-जाने वाले ड्राइवरों और यात्रियों को पेन-फ्राइड चिकन, हेम, स्टीक व अन्य खाने की चीजें बनाकर खिलाने लगे |

लोगों को उनके बनाये खाने में Pan Fried Chicken विशेषरूप से पसंद था, अतः वे अपनी इस recipe पर लगातार कार्य करते रहे, ताकि अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सके |

आख़िरकार 9 वर्षों की मेहनत के बाद उन्होंने 11 herbs और spices से युक्त अपनी Pan Fried Chicken की recipe पूरा कर लिया |  यह recipe उनके Restaurant की USP हो गई |

सैंडर्स अपने Pan Fried Chicken के कारण फेमस हो गए, उनका बनाया चिकन केन्टकी के गवर्नर को इतना पसंद आया कि उन्होंने 1935 में हरलेन सैंडर्स को ‘कर्नल’ की उपाधि से विभूषित किया |

Colonel Sanders को Restaurant अच्छी कमाई हो रही थी लेकिन 1950 के दशक में फ्लोरिडा जाने के लिए एक नए हाई-वे बनाया जाने लगा, इससे सैंडर्स का Restaurant टूट गया  अब वे फिर एक bar असफल हो गए | अब उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था | उनके ऊपर कर्ज हो गए थे, कर्ज चुकाने के बाद उनके पास security के 105 डॉलर के चेक के अलावा  कुछ भी नहीं था | लेकिन वे अभी भी हिम्मत नहीं हरे थे |

KFC Restaurant की सुरुआत

उनकी उम्र 65 साल हो गयी थी, पूरी उम्र कमाने के बाद भी उनके पास Rs. 105$ के चेक के आलावा कुछ नहीं था | Colonel Sanders इसी के सहारे अपना बाकि का जीवन बिताना चाहते थे’, लेकिन इतने कम पैसे से ये संभव नहीं था, इसलिए उन्होंने एक बार फिर उन्ही पैसो से Fried Chicken बनाने के बारे में सोचा और  काम स्टार्ट कर दिया |

वे जानते थे की उनकी केंटकी फ्राइड चिकन फेमस हो सकती है, क्युकी उन्हें इस बारे में अच्छी जानकारी और अनुभव  था | फिर सैंडर्स केंटकी फ्राइड चिकन के नाम पर franchisee बेचने के बारे में  सोच रहे थे और सभी Restaurant मालिकों से मिलकर इस बारे में बात करने लगे, लेकिन हर जगह  “नहीं” सुनना  पड़ा | कोई भी Restaurant मालिक इनकी बात को  स्वीकार नहीं करता, सभी जगह reject  कर दिए गए | कई लोगो ने  तो  इनका मजाक भी उड़ाया |

1000 बार ना सुनने के बाद भी सैंडर्स अपने मार्ग से विचिलित नहीं हुए, लगातार Restaurant मालिकों से मिलते रहे और Fried Chicken बनाने की बात करते रहे | आखिरकार एक Restaurant मालिक ने franchisee के लिए हाँ कर दिया,  अब सैंडर्स के बनाये recipe के कारण उस Restaurant की खूब बिक्री हुई, जिसे देखने के  बाद दुसरे Restaurant मालिकों ने भी सैंडर्स से franchisee लेना सुरु कर दिया |

इस तरह से कुछ ही दिनों में कर्नल सैंडर्स की franchisee अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्द हो गयी और वे KFC के मालिक बन गए |

1964 में Colonel Sanders ने 2 मिलियन डॉलर में एक अमरीकी कम्पनी Kentucky fried chicken corporation को बेच दिया और जीवन भर के लिए एक निश्चित बेतन पर Brand Ambassador बन गए, 16 -12-1980 में सैंडर्स इस दुनिया को छोड़कर चले गए,. But अभी भी वे KFC के Star logo के रूप में जीवित है |

शिख

दोस्तों जीवन में सफलता उसी को मिलाती है जो कभी हार नहीं मनाते | ऐसे ही जीवन्त पुरुष कर्नल सैंडर्स  थे, जिन्होंने अपनी विसम परिस्थितियों से जूझकर एक मिसाल कायम कर दिए |

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Shashi Yadav
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